Monday, March 29, 2021

होली

चाहा  तुझको, फिर  किसी को न चाहा
तेरे बाद  दिल मे, न कोई  और आया
आयी बहुत  होली, तेरे  बाद  जीवन मे
रंग तुझको लगाकर, फिर किसी को न लगाया

Sunday, October 25, 2020

रात काली सही मगर ढल जायेगी

रात काली सही मगर ढल जायेगी
रोशनी की किरण कल निकल आयेगी
थोड़ा सब्र तो करो सूरज निकलने तक
बर्फ जितनी जमी है सब पिघल जायेगी
पाप था पुण्य था ये बताएगा कौन
सोचते सोचते उम्र निकल जायेगी
उनकी आंखों के पश्नो का उत्तर नही
आँखे आँखों से मिलेंगी न तो मचल जायेगी
हमको विश्वास था उनकी हर बात का
पता न था उनकी बाते ही  छल जायेगी
बैठ कर दोनों मिलकर बात तो करे
बात बिगड़ी भी होगी तो संभल जायेगी

Monday, October 5, 2020

रत्ती रत्ती तोल बिका हूँ

रत्ती रत्ती तोल बिका हूँ
मैं अनमोल, बे मोल बिका हूँ
मेरे हाल को वो ही न समझे
जिनके लिए दिल खोल बिका हूँ

उनके प्रेम की कीमत भारी
देते देते जिंदगी गुजारी
ब्याज में सारी खुशियां दे दी
फिर भी बाकी रही उधारी
वो क्या जाने उनकी खातिर
मैं कोड़ियों के मोल बिका हूँ

प्यार ने अजब खेल दिखाये
मेरे ही न हुये मेरे हमसाये
और किसी को कहना क्या अब
जब अपने ही हो गए पराये
समझ न आये और लिखूँ क्या
मन के सब पन्ने खोल लिखा हूँ

Monday, September 28, 2020

तू धुन तो बन कर देख

तू धुन तो बन कर देख, तेरा गीत मैं बन जाऊंगा
तू प्रीत तो बढा मुझसे, तेरा मीत मै बन जाऊंगा
            तुम दरिया बन कर आओगी, प्यास बन जाऊंगा मैं
           अमिट प्रेम के प्रथम मिलन की, आस बन जाऊंगा मैं
             तू मन से तो निभा कर देख, तेरी प्रीत  बन जाऊँगा मैं
             तू बाँसुरी तो देख बन कर, तेरा संगीत मै बन जाऊँगा
तू प्रीत तो बढा मुझसे, तेरा मीत मै बन जाऊंगा
 तू धुन तो बन कर देख, तेरा गीत मैं बन जाऊंगा  
            तुम यदि सुबह बनोगी, सूरज बन जाऊंगा मैं
            पत्थर तुम बनना चाहो तो, मूरत बन जाऊँगा मैं
            तुम यदि चाहोगी मुझसे, तेरी जीत बन जाऊंगा मैं
            तू प्रेम में तो देख तप कर, शीत मैं बन जाऊंगा
तू प्रीत तो बढा मुझसे, तेरा मीत मै बन जाऊंगा
 तू धुन तो बन कर देख, तेरा गीत मैं बन जाऊंगा