मेरा दर्द कब तुमको सुनाई देता है
दिल अब भी प्यार की दुहाई देता है
तेरी फितरत भी हो गयी आईने सी
जो सामने हुआ बस वो ही दिखाई देता है
उस शहर की रंगीनियों में तुम खो गए
गांव अब भी तेरे लौट आने की सफाई देता है
तेरे मेरे बीच ऐसा तो कोई वादा न था
ख्वाब तेरा मेरी आँखों मे क्यो दिखाई देता है
जरूरत उसको भी तो होगी हमराह की
वो शख्स फिर भी मुझको सिर्फ़ तन्हाई देता है
जले भी तो कैसे यूँ प्यार में "दीपक"
वो जब भी देता मुझको बस वादे हवाई देता है
Monday, January 8, 2018
मेरा दर्द कब तुमको सुनाई देता है
Wednesday, January 3, 2018
कुछ सपने सुहाने है कुछ अपने बेगाने है
कुछ सपने सुहाने है कुछ अपने बेगाने है
तेरी यादों के मौसम, गीतों के बहाने है
तुम कुछ भी कहो हमसे, हम तुमको ही चाहेंगे
तुम्हे प्यार करेंगे दिलबर, तुम्हे अपना बनाएंगे
होंठो पे सिवा तेरे, नही कोई तराने है
तेरी यादों के मौसम, गीतों के बहाने है
कोई जीत कर हारा , कोई हार कर जीता
कही विष भी नही मिलता, कोई अमृत है पीता
सुख ओर दुख तो, बस आने और जाने है
तेरी यादों के मौसम , गीतों के बहाने है
तेरे मन कि हर पीड़ा मेरे मन मे उठती है
मेरे शब्दों की दुनिया तेरे प्यार में लुटती है
कुछ पास नही मेरे, बस दर्द पुराने है
तेरी यादों के मौसम , गीतों के बहाने है
Monday, January 1, 2018
मुझे याद करके
मुझे याद करके वो रात भर जागती है
फिर भी क्यों वो मुझसे दूर भागती है
मुझे प्यार करती हैं वो दिल ओ जान से
फिर भी इस बात को वो नही मानती है
कुछ तो मजबूरिया है उसकी भी
यूँ नही आंखों पे झूठ की पट्टी बांधती है
मेरे बिना तो वो भी अधूरी है
फिर भी पूरी होने को पाप मानती है
प्यार के तार पर प्यार की चादर टिकेगी
बेकार उस पर दोस्ती कर रुमाल टाँगती है
Wednesday, December 20, 2017
ना मैं सोया, ना वो सोयी
अंखिया रात भर रोयी
ना मैं सोया, ना वो सोयी
बरसो से प्यासे बरसे थे
इस दिन को कितना तरसे थे
सीमा अपने सब्र की खोयी
ना मैं सोया, ना वो सोयी
अरसे के बाद ये रात आयी
जब मुझसे मिली मेरी परछाई
उसे देख दिल भर आया,
मुझे देख वो भी रोयी
ना मैं सोया, ना वो सोयी
खामोश वो भी रहे खामोश मैं भी रहा
एक शब्द भी न उसने कहा न मैंने कहा
यू ही रात सुहानी खोयी
ना मैं सोया, ना वो सोयी