Tuesday, January 18, 2011

तूफान

वो बन के मेहमान आया मेरे कमरे मे
कल रात तूफान आया मेरे कमरे मे
पहले तो आकर बत्ती बुझा दी
करने मुझे बदनाम आया मेरे कमरे मे
खोले केश और आँचल उडा दिया
करने मुझे परेशान आया मेरे कमरे मे
सिहरन सी एक बदन मे उठी
शरारत करने नादान आया मेरे कमरे मे
प्यारी सी आवाजे गुजने लगी कानो मे
बन संगीत सा अंजान आया मेरे कमरे मे
छुप कर आना उसकी फितरत नही
बर्बाद  करने सरेआम आया मेरे कमरे मे

35 comments:

  1. सिहरन सी एक बदन मे उठी
    शरारत करने नादान आया मेरे कमरे मे
    .....वाह वाह, क्या बात है कमाल की प्रस्तुति

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  2. कल रात तूफान आया मेरे कमरे मे
    अपने भाव को बहुत ही सहजता से लिख डाला

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  3. बहुत बढ़िया ,कमाल की प्रस्तुति

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  4. अच्छी कल्पनाशील कविता. बधाई...

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  5. अरे अरे अरे ऽऽऽ …
    संभलना प्रिय बंधुवर दीपक सैनी जी

    कहीं भूकम्प की तो बात नहीं कर रहे ? :) :) ;)

    खोले केश और आँचल उड़ा दिया
    करने मुझे परेशान आया मेरे कमरे मे
    सिहरन सी एक बदन मे उठी
    शरारत करने नादान आया मेरे कमरे मे

    हुम्म ऽऽ सावधान रहना भाई …

    शुभकामनाओं सहित
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  6. भूकम्प ही लग रहा है………सुन्दर रचना।

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  7. अच्छी रचना है … और श्रेष्ठ लिखने के लिए साधना करते रहें , शुभकामनाएं !

    छुप कर आना उसकी की फितरत नही

    इस पंक्ति में उसकी के बाद वाला की हटा लें

    और

    बबार्द को सुधार कर बर्बाद या बरबाद लिखलें

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  8. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (20/1/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

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  9. अगर ये वाक़या कल रात का है तो भूकम्प ही होगा.. लेकिन जितनी रूमानियत से आपने बयान किया है, लगता नहीं... कौन है!!

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  10. चलो पूछ ही लेते हैं कि कौन है. है तो भूकंप से कुछ अधिक ही.

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  11. अरे यार चलो अब बता भी दो कि आखिर वो चीज क्या है।

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  12. कमरा तो महक गया होगा ?
    सुन्दर कविता.

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  13. मगर ये है कौन....जिसके आने के style की चर्चा इतनी है.....
    जान्ने के लिए अगली कविता का इंतज़ार करना पडेगा लगता है....
    चलो वो भी कर लेंगे...

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  14. Ye kya likh diya hai
    Toofan tha ya toofan thi

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  15. अच्छी ग़ज़ल है.लिखते रहिये दोस्त और करते रहिये पोस्ट .धन्यबाद

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  16. मगर ये है कौन.. :)


    बहुत बढ़िया प्रस्तुति
    आभार

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  17. @ संजय भास्कर
    @ शिवा जी
    @ अरिबा जी
    @ सुशील बाकलीवाल जी
    ब्लाग पर आकर हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया

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  18. @ राजेन्द्र स्वर्णकार जी
    बंधुवर था तो तूफान ही, भूकम्प मे दिवारे गिरने लगती है।
    सुधार कर लिया गया है आभारी हूँ

    @ वंदना जी
    चर्चा मंच मे मेरी पोस्ट शामिल करने के धन्यवाद

    @ सम्वेदना के स्वर जी
    कल रात भूकम्प आया था क्या

    @ भूषण जी
    आप भी पूछने लगे

    @ अमित भाई
    बता तो दिया है तूफान ही था

    @ हरमन जी
    धन्यवाद

    ब्लाग पर आकर हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया

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  19. @ कुवँर कुसुमेश जी
    कमरे मे धूल ही धूल भर गयी थी जब तूफान आया था

    @ राजेश कुमार जी
    बता चुका हूँ कि तूफान ही था

    @ अनिल कुमार जी
    आप पहली बार आये है स्वागत है आपका

    @ गीत जी
    धन्यवाद

    @ सुरेन्द्र सिंह “झंझट“ जी
    स्वागत किया था तो कविता बनी

    @ क्रिएटिव मंच
    सच मे तूफान ही था
    ब्लाग पर आकर हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया

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  20. बहुत सुन्दर सैनी जी जो भी हो परन्तु प्रस्तुति अच्छी है
    बहुत बहुत धन्यवाद
    --

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  21. आपका ईमेल एड्रेस भेजें sameer.lalATgmail par

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  22. बहुत बढ़िया| कमाल की प्रस्तुति|

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  23. "http://www.youtube.com/watch?v=UX35tqcCOys"
    को ब्लॉगीय जगत का जवाब:)
    छोटे भाई, अब मैं भी देर से आने की माफ़ी माँगूं क्या? मेरी भी सिस्टम खराब चल रहा है यार, या तो माफ़ कर देना या कभी मुझे भी ऐसा कमेंट मत देना, हा हा हा।

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  24. आपने तो सबकुछ लिख दिया यहाँ पर
    ऐसी बातें अच्छी लगती हैं बंद, कमरे में...
    बहुत खूब...

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  25. beautiful and delicate one. now I should follow U.

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  26. @ दीप जी
    धन्यवाद

    @ उडन तश्तरी (समीर जी)
    आपका धन्यवाद किन शब्दो मे करू समझ नही आ रहा

    @ पाटली द विलेज
    धन्यवाद

    @ संजय भाई साहब
    क्या बात है फोटो सोटो, वो भी राक गार्डन मे, मस्त है
    गाना तो अच्छा है ही रही बात टिप्पणी मे माफी मागंने कि तो वो
    तो मै इस लिए खिलता हूँ कि आप बडे है आपको मेरी फिक्र
    होती होगी कि कहाँ गया, अभी तक नही, आया ठीक तो है

    आगे से ऐसा नही होगा

    @ पूजा जी
    आंधी तूफान तो बंद कमरे मे घुस जाते है

    @ जगदीश बाली जी
    स्वागत है आपका, फालो करने के लिए धन्यवाद

    ब्लाग पर आकर हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया

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  27. आपका शरारती मेहमान बहुत अच्छा लगा ।

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  28. बहुत खूब, क्या बात है!

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