Thursday, January 18, 2018

बेचैनीया ये फिर किसलिए किसके लिए है परेशान हम

           न तुमने कभी कोशिश की
           न हमने कभी बढाया कदम
           फिर क्यों दूरिया हम दोनो की
           होने लगी इतनी कम
            न तुम सोचते हो हमारे लिए
            न हम सोचते है तुम्हारे लिए
बेचैनीया ये फिर किसलिए किसके लिए है परेशान हम
      दिल मे तुम्हारे न कुछ राज है
      कोई बात न मेरे दिल में रही
      नजरे कभी न मिलायी है तुमने
      न मेरी नजर कभी तुम तक गयी
      तुम खोये रहे अपनी दुनिया मे
      और अपनी मेरी दुनिया रही
       न हीरो कभी तुमको मुझमे दिखा
       न तुम में दिखा मुझको मेरा सनम
बेचैनीया ये फिर किसलिए किसके लिए है परेशान हम
     यूँ तो बहुत सी बातें की तुमने
     मगर कोई  बात ना  कभी ऐसी कही
     जिसे देखकर मन हो जाता दीवाना
     कभी तेरी ऐसी ना अदाएं रही
     लुभाने की तुमको ना कभी सोची मैने
     कभी तेरी चुन्नी ना सर से गयी
     मैं भी हमेशा ही गुमसुम रहा
     तुझको भी मुझसे लगती थी शरम
बेचैनीया ये फिर किसलिए किसके लिए है परेशान हम
   

Monday, January 15, 2018

मुस्कुराते रहना तुम, मुझे गीत सुनाने है

मुस्कुराते रहना तुम, मुझे गीत सुनाने है
           कोयल बाग में जब कूकेगी
            मेरी निंदिया तब टूटेगी
           चिड़ियों की जब चल चल होगी
           मन मे तब कोई हलचल होगी
           प्यारी सुबह के कुछ मंजर
           आंखों से भुनाने है
मुस्कुराते रहना तुम, मुझे गीत सुनाने है
          सूरत तेरी, आंखों में भर लूँ
          हाथ तेरे, हाथो में धर लूँ
          सितारे तोड़ के मैं ले आउ
          उनसे तेरी माँग सजाऊ
         तेरी सांसो की  खुशबू से
         सपने महकाने है
मुस्कुराते रहना तुम, मुझे गीत सुनाने है

Monday, January 8, 2018

मेरा दर्द कब तुमको सुनाई देता है

मेरा दर्द कब तुमको सुनाई देता है
दिल अब भी प्यार की दुहाई देता है
तेरी फितरत भी हो गयी आईने सी
जो सामने हुआ बस वो ही दिखाई देता है
उस शहर की रंगीनियों में तुम खो गए
गांव अब भी तेरे लौट आने की सफाई देता है
तेरे मेरे बीच ऐसा तो कोई वादा न था
ख्वाब तेरा मेरी आँखों मे क्यो दिखाई देता है
जरूरत उसको भी तो होगी हमराह की
वो शख्स फिर भी मुझको सिर्फ़ तन्हाई देता है
जले भी तो कैसे यूँ प्यार में "दीपक"
वो जब भी देता मुझको बस वादे हवाई देता है

Wednesday, January 3, 2018

कुछ सपने सुहाने है कुछ अपने बेगाने है

कुछ सपने सुहाने है कुछ अपने बेगाने है
तेरी यादों के मौसम, गीतों के बहाने है
            तुम कुछ भी कहो हमसे, हम तुमको ही चाहेंगे
            तुम्हे प्यार करेंगे दिलबर, तुम्हे अपना बनाएंगे
            होंठो पे सिवा तेरे, नही कोई तराने है
            तेरी यादों के मौसम, गीतों के बहाने है
कोई जीत कर हारा , कोई हार कर जीता
कही विष भी नही मिलता, कोई अमृत है पीता
सुख ओर दुख तो, बस आने और जाने है
तेरी यादों के मौसम , गीतों के बहाने है
             तेरे मन कि हर पीड़ा मेरे मन मे उठती है
             मेरे शब्दों की दुनिया तेरे प्यार में लुटती है
             कुछ पास नही मेरे, बस दर्द पुराने है
             तेरी यादों के मौसम , गीतों के बहाने है