Thursday, March 31, 2011

ग़ज़ल

वो जब से पास आने लगे है
मेरे जख्म मुस्कुराने लगे है
जागने लगी सोई हसरते मेरी
वो सपने नए दिखने लगे है
भूल बैठे थे जिस मधुर गीत को
गीत वो फिर हम गुनगुनाने लगे है 
कभी अंधेरो कभी उजालों की तरह
वो मुझसे नज़रें मिलाने लगे है
होता नहीं यकीन अंपनी आँखों पे
अचानक सामने वो मुस्कुराने लगे है
बुझ जाना ही जिनकी किस्मत बन गया था
दीपक वो फिर से टिमटिमाने लगे है

27 comments:

  1. बुझ जाना ही जिनकी किस्मत बन गया था
    दीपक वो फिर से टिमटिमाने लगे है

    प्रेमपरक गीत आशावादी दृष्टिकोण के साथ.बहुत अच्छा है.

    ReplyDelete
  2. हाय!
    क्या हो रहा है मैं अपना पुराना बलोग बदल गया है?
    आप नीचे मेरी नई टिप्पणी है

    और Plz मुझे एक नई टिप्पणी दे आपकी याद आती है.

    मेरा नया बलोग है ... ..
    .
    .
    .
    .
    .
    .http://smshindi-smshindi.blogspot.कॉम

    "आगे "

    दम हैं नई टिप्पणी दे


    मिस करने के लिए...............आपका सोनू

    ReplyDelete
  3. मेरी लड़ाई Corruption के खिलाफ है आपके साथ के बिना अधूरी है आप सभी मेरे ब्लॉग को follow करके और follow कराके मेरी मिम्मत बढ़ाये, और मेरा साथ दे ..

    ReplyDelete
  4. अच्छा जी..!! हँसते जख्म हो रहे हो:))
    लगता है ज्यो.. ने रूठना बंद कर दिया है, गुड लक।

    ReplyDelete
  5. आशावादी कविता ! किन्तु कही ये बुझने से पहले की टीम टिमाहट तो नहीं है |

    ReplyDelete
  6. होता नहीं यकीन अंपनी आँखों पे
    अचानक सामने वो मुस्कुराने लगे है

    तो झटका तो नहीं लगा न ..चलो आप भी मुस्करा लीजिये ..रंजो गम को मिटा दीजिये

    ReplyDelete
  7. वो जब से पास आने लगे है
    मेरे जख्म मुस्कुराने लगे है

    भावनाओं का बहुत सुंदर चित्रण . ...बधाई.

    ReplyDelete
  8. बहुत बढ़िया.
    बुझ जाना ही जिनकी किस्मत बन गया था
    दीपक वो फिर से टिमटिमाने लगे है
    बहुत खूबसूरत शेर.

    ReplyDelete
  9. मेरे जख्म मुस्कुराने लगे है ...वाह !...गजब कि अभिव्यक्ति !

    ReplyDelete
  10. दीपक जी बहुत ही सुन्दर गजल

    होता नहीं यकीन अंपनी आँखों पे
    अचानक सामने वो मुस्कुराने लगे है
    बुझ जाना ही जिनकी किस्मत बन गया था
    दीपक वो फिर से टिमटिमाने लगे है

    ReplyDelete
  11. दीपक जी बढ़िया गजल लिखी

    ReplyDelete
  12. Congrats on INDIAS CRICKET WORLD CUP VICTORY

    ReplyDelete
  13. भावनाओं का बहुत सुंदर चित्रण| धन्यवाद|

    ReplyDelete
  14. दिन मैं सूरज गायब हो सकता है

    रोशनी नही

    दिल टू सटकता है

    दोस्ती नही

    आप टिप्पणी करना भूल सकते हो

    हम नही

    हम से टॉस कोई भी जीत सकता है

    पर मैच नही

    चक दे इंडिया

    हम ही जीत गए

    भारत के विश्व चैम्पियन बनने पर आप सबको ढेरों बधाइयाँ और आपको एवं आपके परिवार को हिंदी नया साल(नवसंवत्सर२०६८ )की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!

    आपका स्वागत है

    121 करोड़ हिंदुस्तानियों का सपना पूरा हो गया

    ReplyDelete
  15. very positive thought,keep it up ....

    ReplyDelete
  16. bahut acchee lagee aapkee ye gazal.........

    ReplyDelete
  17. वो जब से पास आने लगे है
    मेरे जख्म मुस्कुराने लगे है
    बहुत खूबसूरत गजल

    ReplyDelete
  18. होता नहीं यकीन अंपनी आँखों पे
    अचानक सामने वो मुस्कुराने लगे है ...

    बहुत खूबसूरत ... प्यार में ऐसे शेर अपने आप ही निकल आते हैं ... लाजवाब ग़ज़ल ...

    ReplyDelete
  19. वो जबसे पास आने लगे हैं
    मेरे जख्म मुस्कुराने लगे हैं
    ******************
    बढ़िया मुखड़ा ....अच्छे भाव

    ReplyDelete
  20. वाह...बहुत खूब....:) अच्छा लगा पढ़कर...

    ReplyDelete
  21. बुझ जाना ही जिनकी किस्मत बन गया था
    दीपक वो फिर से टिमटिमाने लगे है
    बहुत खूबसूरत गजल....

    ReplyDelete
  22. @ दीपक वो फिर से टिमटिमाने लगे है

    वाह! दीपक का प्रयोग यहाँ कौन सा अलंकार है, बतायेंगे?

    ReplyDelete
  23. दिपक भाई लगता है आपको प्यार हो गया है। मजाक कर रहा हुॅ। सुदंर गजल है। वैसे इश्क में लोगो का हाल ऐसा ही कुछ होता है।

    ReplyDelete
  24. @ स्मार्ट इंडियन जी,
    मै ज्यादा पढा लिखा तो नही हूँ और ना ही मुझे इन साहित्यक सौन्दर्यो की ज्यादा जानकारी है। जितना पता है उसके अनुसार यहा उपमा अंलकार है।
    यदि गलत होऊ तो अवगत जरूर करायें।
    धन्यवाद

    ReplyDelete